मालवीय नगर अग्निकांड: जहरीले धुएं, संकरी सीढ़ियों और सुलगते कमरों के बीच चला मौत से मुकाबला, 19 लोगों को बचाने में झोंक दी गई पूरी ताकत

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित बीएनबी में लगी भीषण आग के बाद जो तस्वीरें और घटनाक्रम सामने आए हैं, वे हादसे की भयावहता को बयां करते हैं। चारों ओर घना जहरीला धुआं, कमरों में फैली तेज तपिश, आग की लपटें और मदद की गुहार लगाते लोग—इन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव अभियान चलाना दमकलकर्मियों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। बावजूद इसके, अग्निशमन विभाग की टीमों ने जान जोखिम में डालकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

धुएं और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद पूरी इमारत धुएं से भर गई थी। कई मंजिलों तक फैले जहरीले धुएं के कारण दमकलकर्मियों को सांस लेने में भी कठिनाई हो रही थी। हालात ऐसे थे कि कुछ स्थानों पर दृश्यता लगभग समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद बचाव दल लगातार अंदर जाकर लोगों तक पहुंचने की कोशिश करता रहा।

बेसमेंट से छठी मंजिल तक चलाना पड़ा अभियान

अग्निशमन विभाग की कई टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान संचालित किया। आग का प्रभाव बेसमेंट स्थित रेस्टोरेंट से लेकर इमारत की ऊपरी मंजिलों तक फैला हुआ था। ऐसे में राहत दल को हर मंजिल पर पहुंचकर फंसे लोगों की तलाश करनी पड़ी। सीमित समय में बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी।

संकरी सीढ़ियां बनीं बड़ी बाधा

बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी मुश्किल इमारत की संकरी सीढ़ियां रहीं। कई स्थानों पर सीढ़ियों का आकार इतना छोटा था कि स्ट्रेचर ले जाना संभव नहीं था। ऐसे में राहतकर्मियों ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई और लोगों को चादरों में लिटाकर बाहर निकाला। एंबुलेंस कर्मियों और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर इस कठिन अभियान को अंजाम दिया।

ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए तोड़े गए शीशे

बचाव कार्य में जुटे कर्मियों के मुताबिक, कई कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था। कुछ कमरों की खिड़कियां पूरी तरह बंद थीं, जिससे अंदर धुआं भर गया था। ऐसे हालात में टीमों ने शीशे तोड़कर कमरों में हवा और ऑक्सीजन पहुंचाने का प्रयास किया। इससे न केवल अंदर फंसे लोगों को राहत मिली, बल्कि बचावकर्मियों को भी काम करने में मदद मिली।

धुएं से दम घुटने से हुई अधिकांश मौतों की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि अधिकांश लोगों की जान आग की लपटों से ज्यादा धुएं के कारण दम घुटने से गई। हालांकि मौतों के सटीक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

48 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कुल 48 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग लगने की सूचना सुबह करीब 8:48 बजे मिली थी, जिसके बाद दमकल विभाग की आठ गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद आग पर काबू पाया गया।

जांच जारी, रेस्टोरेंट संचालक गिरफ्तार

हादसे के कारणों की जांच अभी जारी है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर रेस्टोरेंट संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस त्रासदी का कारण बनी।

Related posts